भारतीय वायु सेना ने अब तेजस विमान को भी तैनात किया

भारतीय वायु सेना ने अब तेजस विमान को भी तैनात किया

भारतीय वायु सेना ने तेजस लड़ाकू विमान को पश्चिमी मोर्चे पर तैनात किया है। तेजस एक लड़ाकू जेट है जो कई भूमिकाएँ निभाने में सक्षम है। तेजस के फाइटर जेट्स को चीन और पाकिस्तान बॉर्डर के पास तैनात किया गया है। लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के 72 घंटे बाद ही तेजस सीमा पर तैनात हैं। सीमा पर चीन और पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच भारत की ताकत पर तेजस की तैनाती सबसे बड़ी खबर है।

भारतीय वायु सेना ने अपने अन्य फाइटर जेट्स को सीमा के पास तैनात किया। यह बड़ा कदम क्यों उठाया गया? इसका जवाब 15 अगस्त को लाल किले से दिए गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन से मिलता है।

पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से कहा कि भारत ने रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। हाल ही में, हमने 100 से अधिक सैन्य उपकरणों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। इनमें हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों के लिए मिसाइलें, विमान को हमला करने के लिए असॉल्ट राइफलें सभी मेक इन इंडिया के तहत बनाई जा रही हैं। तेजस के लड़ाकू विमान अपनी गति और शक्ति दिखाने के लिए आधुनिक आवश्यकताओं के अनुसार देश में तैयार किए जा रहे हैं।

आपको बता दें कि पश्चिमी मोर्चे पर तेजस की तैनाती का मतलब बड़ा है। पश्चिमी मोर्चा पर तैनाती का अर्थ है राजस्थान-दिल्ली से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख।

तेजस मार्क 1A

तेजस एक लड़ाकू विमान है जो ध्वनि की गति से भी तेज उड़ सकता है। इसका वजन करीब साढ़े 6 हजार किलो है। यह साढ़े तीन टन विस्फोटक के साथ उड़ सकता है। तेजस एयर टू एयर और एयर टू सर्फेस मिसाइल भी फायर कर सकता है। एंटी-शिप मिसाइल, बम और रॉकेट भी इससे लॉन्च किए जा सकते हैं। यह दिन या रात के किसी भी समय उड़ान भर सकता है। मिड एयर रिफ्यूलिंग की तकनीक तेजस में मौजूद है यानी इस विमान को केवल हवा में ही ईंधन भरा जा सकता है।

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