28 सितंबर को हुई परीक्षा को रद्द करने से कोर्ट ने किया इनकार, परीक्षा में गड़बड़ियों की चलते कैंडिडेट्स ने दायर की थी याचिका


28 सितंबर को आयोजित हुई क्लैट 2020 परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की वजह से परीक्षा रद्द करने या काउन्सलिंग प्रक्रिया पर रोक लगाने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई की। मामले में फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने परीक्षा रद्द करने या काउन्सलिंग प्रोसेस को रोकने से इनकार कर दिया है। हालांकि, कोर्ट ने ऐसे पांच कैंडिडेट्स से कहा कि वे दो दिन के अंदर अपनी शिकायतें समस्या समाधान समिति को दें। देशभर के 23 नेशनल लॉ यूनिर्वसिटी (NLUs) में कानून की पढ़ाई के लिए क्लैट का आयोजन किया जाता है।

समस्या समाधान समिति का किया गठन

NLUs का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता पी. एस. नरसिम्हन ने न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायूर्ति एम आर शाह की बैंच बताया कि परीक्षा से जुड़ी शिकायतों के लिए भारत के एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समस्या समाधान समिति का गठन किया है, जो याचिकाकर्ताओं के मुद्दों पर विचार करेगी। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि वह काउंसलिंग को रोक नहीं सकते। साथ ही याचिकाकर्ता का पक्ष रख रहे शंकरनारायणन ने कोर्ट में बताया कि ऑनलाइन आयोजित हुई परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ियां थीं और कुछ प्रश्न सही नहीं थे।

40,000 आपत्तियां हुई दर्ज

उन्होंने यह भी दावा किया कि सॉफ्टवेयर ने भी कुछ उत्तरों को सही ढंग से रिकॉर्ड नहीं किया है और CLAT के विभिन्न पहलुओं के संबंध में लगभग 40,000 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। इनमें से करीब 19,000 आपत्तियों पर NLU के कंसोर्टियम की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

फर्स्ट राउंड की सीट अलॉटमेंट जारी

इस बीच कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु ने इंस्टीट्यूट वाइज फर्स्ट राउंड की सीट अलॉटमेंट का रिजल्ट जारी कर दिया है। यह रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट consortiumofnlus.ac.in पर जारी किया गया है। फर्स्ट राउंड काउंसिलिंग सीट अलॉटमेंट का इंतजार कर रहे स्टूडेंट्स ऑफिशियल पोर्टल पर यह लिस्ट देख सकते हैं। यह अलॉटमेंट लिस्ट पांच साल के एलएलबी और एलएलएम दोनों प्रोग्राम के लिए जारी की गई है।

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CLAT 2020| The court refused to cancel the examination held on September 28, because of the mistakes in the examination, the candidates filed a petition against the irregularities in the exam

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