हाईकोर्ट की बीएमसी को फटकार- आप तो बहुत तेज हैं, आपको समय क्यों चाहिए; एक्ट्रेस बोलीं- अदालत ने इतना सोचा, मेरे आंसू आ गए


बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को बीएमसी के खिलाफ लगाई कंगना रनोट की अर्जी पर सुनवाई की। एक्ट्रेस ने यह याचिका ऑफिस मणिकर्णिका फिल्म्स में तोड़फोड़ के खिलाफ लगाई थी। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि तोड़ी गई प्रॉपर्टी को यूं ही नहीं छोड़ा जा सकता। इस पर कल सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान बेंच ने बीएमसी पर तंज कसा कि आप तो बहुत तेज हैं, फिर आपको और समय क्यों चाहिए।

मंगलवार तक अपना पक्ष लेकर पेश हों बीएमसी-राउत

केस की सुनवाई के दौरान जस्टिस एसजे काठवल्ला और जस्टिस आरआई छागला की बेंच ने कहा कि मानसून में आप लोगों (बीएमसी) ने कार्रवाई की। ऐसे में और ज्यादा दिन सुनवाई नहीं टाल सकते। जब कार्रवाई करने की बात थी तो आपने बहुत तेजी दिखाई। जब जवाब देने की बात आई तो सुस्ती दिखाई जा रही है। किसी का घर तोड़ दिया गया है। हम बरसात के मौसम में उस ढांचे को इस तरह से रहने नहीं दे सकते। याचिकाकर्ता के वकील कल से यानी 25 सितंबर से इस केस पर अपना पक्ष रख सकते हैं।

मंगलवार को सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक्ट्रेस के ऑफिस पर बुलडोजर चलाने का आदेश देने वाले अधिकारी और शिवसेना के सांसद संजय राउत को पक्षकार बनाने की बात कही थी। कंगना की तरफ से संजय राउत के ‘उखाड़ दिया’ वाले बयान कि सीडी हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान दी गई थी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया।

‘मेरे आंसू आ गए’

कंगना ने ट्वीट किया, ‘माननीय हाईकोर्ट, मेरी आंखों में आंसू आ गए। मुंबई की बरसात में मेरा घर गिर रहा है। आपने मेरे टूटे हुए घर के बारे में इतना सोचा, यह मेरे लिए बहुत है। मेरे घावों पर मरहम लगाने के लिए धन्यवाद। मुझे वह सब वापस मिल गया, जो मैंने खोया था।’

9 सितंबर को तोड़ा था ऑफिस

बीमएसी ने कंगना की पाली हिल स्थित प्रॉपर्टी को अवैध निर्माण बताते हुए 9 सितंबर को तोड़फोड़ की थी। इसके बाद कंगना ने हरजाने की मांग करते हुए बीमएसी के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। हाईकोर्ट ने ही संजय राउत के साथ-साथ आदेश जारी करने वाले अधिकारी को भी इस केस में पार्टी बनाया है।

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Kangana Ranaut got emotional as Bombay HC said that can’t leave the demolished property as it is

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