राफेल स्क्वाड्रन की पहली म‍हिला फाइटर पायलट बनीं शिवांगी; परिजन बोले- पायलट की ड्रेस देखकर कहती थी एक दिन मैं भी जहाज उड़ाउंगी


वाराणसी में पली बढ़ीं और बीएचयू से एनसीसी करने के बाद शिवांगी ने भारतीय वायु सेना की राफेल स्क्वाड्रन की पहली महिला फाइटर पायलट बनने का सौभाग्य हासिल किया है। बनारस ही नहीं बल्कि देश में भी वायुसेना की ओर से बतौर फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह राफेल पर अब परवाज (उड़ान) भरेंगी।

शिवांगी सिंह जो अब तक मिग-21 उड़ा चुकी हैं। अब वो राफेल के 17 गोल्डन एरो स्क्वॉड्रन टीम में शामिल हो गई हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन में उनको इसकी ट्रेनिंग भी दी जा रही है। शिवांगी भारतीय वायु सेना में 2017 में शामिल हुई थीं। वह विंग कमांडर अभिनंदन के साथ भी काम कर चुकी हैं।

पिता कामेश्वर सिंह ट्रैवल का काम करते हैं
पिता ने बताया कि जुलाई 2016 में मैसूर में शिवांगी ने कॉमन एप्टीट्यूट टेस्ट क्वालीफाई किया था। यहीं से उसने एयरफोर्स ट्रेनिंग की शुरुआत की। वो एयरक्राफ्ट उड़ाने में माहिर है। शिवांगी के दादा सुधीर सिंह ने बताया कि बचपन मे वो फुर्र-फुर्र कहती थी। हम लोग इसको कभी नहीं समझ पाए। आज समझ में आया कि उसकी मेहनत और किस्मत फुर्र में ही छिपी थी। आज वो देश के लिए इस मुकाम पर पहुंच गई, वो उसी फुर्र की देन है।

माता पिता के साथ शिवांगी सिंह।
माता-पिता के साथ शिवांगी सिंह।

घर से बाहर रहने पर लोग गलत समझते थे
शिवांगी के चचेरे दादा सुधीर सिंह ने बताया वो घर से सुबह 6 बजे निकलती थी और 8 बजे रात को घर आती थी। लोग तमाम बातें करते थे। उसको गलत समझते थे, पढ़ती है कि घूमती है। आज वही लोग बधाइयां दे रहे हैं। ग्रेजुएशन उसने बीएचयू से किया है। शिवांगी अच्छी एथलीट के साथ गिटार भी बजाती है। शिवांगी का घर कैंटोनमेंट एरिया में है। फौजियों को देखकर उसके मन मे देश सेवा का भाव बचपन से था।

शिवांगी सिंह अपने दोस्तों के साथ।
शिवांगी सिंह अपने दोस्तों के साथ।

पिता ने बताया 9 वीं क्लास में नाना ने एयरबेस घुमाया था
पिता कामेश्वर सिंह ने बताया कि उसके नाना भी फौजी थे। 9 वीं क्लास में थी तो एक बार वो दिल्ली गई थी। तब नाना ने एयरबेस और म्यूजियम घुमाया था। प्लेन देखकर तभी बोली थी, मैं भी इसको उड़ाना चाहती हूं। संघर्ष की बहुत जरूरत नहीं पड़ी। उसे जो भी जरूरत रही, हम सभी ने पूरा किया।

शिवांगी सिंह का पूरा परिवार।
शिवांगी सिंह का पूरा परिवार।

मां ने कहा गोल्डन गर्ल के नाम को सुनकर खुशी हुई
मां सीमा सिंह ने बताया डर तो उसके मन मे कभी था ही नहीं। शुरू से ही उसको जहाजों में बहुत रुचि थी। आसमान में जहाज उड़ता देख बहुत खुश होती थी। पायलेट का ड्रेस तस्वीरों में देख कर कहती थी, एक दिन मैं भी पहनूंगी। चचेरे भाई सुभ्रांशू सिंह ने बताया कि चाइना और भारत के हालात ठीक नहीं है। अगर कुछ होता है, तो शिवांगी जल्दी उनको जबाब देगी। देश की बेटी उनसे लोहा लेगी।

बीएचयू से किया था एनसीसी

शिवांगी की पढ़ाई सेंट मेरी कॉन्वेंट स्कूल से शुरू हुई। वह कक्षा1 से 8 तक यहीं पर पढ़ी उसके बाद 9 से 12 तक कि पढ़ाई सेंट जोसेफ शिवपुर से पूरी की। बाद में बीएससी की पढ़ाई 2013 से 15 -16 तक सनबीम वुमेंस कॉलेज वरुणा से की। इसी दौरान 3 साल बीएचयू से एनसीसी की छात्र भी रही हैं। शिवांगी का एक छोटा भाई मयंक है, जो कक्षा 12 में स्मिथ स्कूल में पढ़ता है।

आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें


बनारस की रहने वाली शिवांगी सिंह राफेल उड़ाने वाली स्क्वाड्रन में पहली महिला पायलट के तौर पर शामिल की गई हैं। फिलहाल वह प्रशिक्षण ले रही हैं।

Leave a Reply