महीनों बाद स्कूल पहुंचे बच्चों की निगेटिविटी दूर करने के लिए खाना बनाना, झाड़ू लगाना सिखा रहा स्पेन का बॉयज स्कूल, लैंगिक समानता बढ़ाना भी है मकसद


स्पेन का एक बॉयज स्कूल लड़कों को खाना बनाना, बर्तन धोना, झाड़ू लगाना और प्रेस करना सिखा रहा है। इसकी दो वजह है- पहली कोरोना काल के कारण लंबे समय बाद स्कूल पहुंचे स्टूडेंट्स की नेगेटिविटी खत्म करना। दूसरी लैंगिक समानता को बढ़ावा देना। विगो सिटी स्थित डे फीमेंटो मोंटेकालेस्टो स्कूल की इस पहल की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं।

लॉकडाउन में घर पर बंद रहने से खराब हुई मानसिक स्थिति

स्कूल के संस्थापक डैन बेकन बताते हैं कि शहर की आबादी करीब तीन लाख है। कोरोनावायरस के बाद देखो सिटी समेत पूरे देश के स्कूल बंद हो गए थे। इस दौरान लंबे समय तक स्टूडेंट्स को घरों में कैद होकर रहना पड़ा, जिससे ज्यादातर बच्चों की मानसिक स्थिति खराब हो गई। कुछ बच्चे डिप्रेशन में चले गए तो कुछ दिमाग में नकारात्मकता बैठ गई। वहीं, सितंबर में करीब 6 माह बाद जब स्कूल खुले तो कक्षाएं गुलजार हो उठीं।

लैंगिक समानता बढ़ाना भी है मकसद

स्कूल पहुंचे बच्चे जब गुमसुम नजर आए तो स्कूल प्रशासन यह फैसला किया गया कि पहले स्टूडेंट्स के मन के अंदर से नकारात्मकता खत्म की जाए। तब जाकर लड़कों को घरेलू काम सिखाना शुरू किया गया। इसके अलावा उन्हें घर पर हाथ बंटाने का भी टास्क किया गया। बच्चों ने काम के प्रति दिलचस्पी दिखाई और उनकी नेगेटिविटी खत्म होने लगी। स्कूल के टीचर डेनियल कार्ला ने कहा कि घर में बच्चे हैं तो सिर्फ लड़कियां ही घरेलू कामों में मां की मदद करती हैं। इसलिए लैंगिक समानता को देखते हुए भी यह कदम उठाया गया है, वर्तमान में स्कूल में 100 से ज्यादा लड़के आ रहे हैं।

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The Spanish school is teaching boys to cook, sweep and iron the clothes; the motive is to reduce negativity and increase gender equality in children

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