फ्लोरिडा में वोटों की खातिर खुद को सेहतमंद दिखाने की कोशिश करते रहे ट्रम्प; यहां उनके चार झूठ पकड़े गए


डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को इलेक्शन कैम्पेन का दूसरा राउंड शुरू किया। पिछले हफ्ते वे कोविड-19 से संक्रमित हुए। हॉस्पिटल में भर्ती रहे और फिर व्हाइट हाउस लौटे। फ्लोरिडा के सैनफोर्ड में उन्होंने पहली रैली की। एक घंटे से कुछ ज्यादा भाषण दिया और इस दौरान खुद को सेहतमंद और ऊर्जा से भरा दिखाने की कोशिश करते रहे।

बिना सबूतों के दावा
ट्रम्प के विरोधी इस बात का सबूत मांग रहे हैं कि वे कोरोना निगेटिव हो चुके हैं। लेकिन, कम से कम इस रैली के पहले तक तो इस बात कोई सबूत ट्रम्प या उनके कैम्प ने नहीं दिए। राष्ट्रपति दावा करते हैं कि वे कोरोना इम्यून हो चुके हैं। लेकिन, यह सिर्फ दावा है। और इन दावों की पुष्टि के लिए जो वैज्ञानिक समर्थन या कहिए एक्सपर्ट्स का समर्थन चाहिए, वो कहां है? राष्ट्रपति कहते हैं- मैं पहले से ज्यादा पावरफुल महसूस कर रहा हूं। कितनी हैरानी की बात है कि जब वे एयरफोर्स वन से वॉशिंगटन जाने के लिए फ्लाइट में बैठ रहे थे, तब भी उन्होंने मास्क नहीं लगाया था।

और न समर्थकों को फिक्र
कोरोनावायरस की वजह से अमेरिका में अब तक 2 लाख 15 हजार लोग जान गंवा चुके हैं। ट्रम्प के लिए भी यह व्यक्तिगत और राष्ट्रपति के तौर पर सबसे बड़ी चुनौती है। लेकिन, उनका रवैया वही पुराना और आरोप लगाने वाला है। वे कहते हैं- जो बाइडेन और डेमोक्रेट पार्टी वैक्सीन नहीं आने देना चाहते। और सब अपनी जगह। लेकिन, फ्लोरिडा की रैली में उनके जो हजारों समर्थक जुटे। उनमें से ज्यादातर ने मास्क नहीं लगाया था। डेमोक्रेट्स की रैली छोटी होती हैं लेकिन रिपब्लिकन्स की रैली में काफी भीड़ जुटती है।

फ्लोरिडा में ट्रम्प के चार झूठ और उनका सच

पहला झूठ : नींद में रहने वाले बाइडेन टैक्स चार गुना बढ़ाना चाहते हैं।
इसका सच :
2017 में टैक्स में कमी की गई थी। यह 39.6% से 37% किया गया था। बाइडेन कहते हैं कि वो वर्तमान टैक्स रेट पुराने स्तर पर ले जाना चाहते हैं। इसके अलावा वो किसी तरह दूसरे इनकम टैक्स के पक्ष में नहीं हैं।

दूसरा झूठ : डब्ल्यूएचओ ने माना कि ट्रम्प सही हैं। लॉकडाउन से डेमोक्रेट शासन वाले राज्यों को नुकसान हुआ।
इसका सच :
ट्रम्प डब्ल्यूएचओ के डॉक्टर डेविड नोबार्नो के बयान का तोड़-मरोड़कर जिक्र कर रहे हैं। ट्रम्प ने महामारी के शुरुआती महीनों में लॉकडाउन का यह कहते हुए विरोध किया था कि इससे इकोनॉमी तबाह हो जाएगी। दूसरी बात, डॉक्टर डेविड ने यह कहा था कि सिर्फ आंशिक लॉकडाउन से महामारी पर काबू नहीं पाया जा सकता। इसके साथ ही उन्होंने कुछ दूसरी बातें भी कहीं थीं। ट्रम्प ने इनका जिक्र नहीं किया।

तीसरा झूठ : अमेरिका का इकोनॉमिक रिकवरी रेट सबसे बेहतर है।
इसका सच :
ट्रम्प का यह कहना कि अमेरिका ने दुनिया में सबसे अच्छी तरह से इकोनॉमिक रिकवरी की है, सही नहीं है। दूसरी तिमाही में जीडीपी 9.1 फीसदी रही। जी-20 के पांच देशों में यही हालात रहे। चीन की विकास दर 11.5 फीसदी रही। बेरोजगारी दर 8.4 फीसदी रही। यह 7.4 फीसदी के औसत से ज्यादा है।

चौथा झूठ : पहली डिबेट में बाइडेन का बचाव मॉडरेटर ने किया।
इसका सच :
ट्रम्प पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट की बात कर रहे थे। मॉडरेटर क्रिस वॉलेस ने कानूनी एजेंसियों का जिक्र किया था। बाइडेन इस पर जवाब देने लगे तो ट्रम्प ने कई बार रोक-टोक की। इसकी वजह से मॉडरेटर ने यह टॉपिक ही बदल दिया। अब ट्रम्प जनता के बीच इसे अपनी जीत और बाइडेन की हार के तौर पर दिखा रहे हैं।

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