ट्रम्प बोले- आज बाइडेन प्रेसिडेंट होते तो देश में कोरोना से 20 करोड़ मौतें हो जातीं, 90 मिनट की डिबेट में बाइडेन ने 2 और ट्रम्प ने 10 झूठ बोले


अमेरिका में 3 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (रिपब्लिकन) और डेमोक्रेट्स के उम्मीदवार जो बाइडेन के बीच ओहायो के क्लीवलैंड में 90 मिनट की पहली डिबेट हुई। कोरोना को लेकर बाइडेन के आरोपों पर ट्रम्प ने कहा कि अगर आज वे (बाइडेन) प्रेसिडेंट होते तो देश में महामारी से 20 करोड़ मौतें हो जातीं। न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) के मुताबिक, डिबेट में ट्रम्प ने 10 और बाइडेन ने 2 झूठ बोले।

मॉडरेटर फॉक्स न्यूज के एंकर क्रिस वॉलेस थे। 2016 में ट्रम्प और हिलेरी क्लिंटन की पहली डिबेट भी वॉलेस ने ही कराई थी। ट्रम्प की पत्नी मेलानिया और बेटी इवांका भी मौजूद रहीं। दोनों कैंडिडेट्स को क्लीवलैंड के सैमसन पवेलियन पहुंचना था। ट्रम्प स्थानीय समयानुसार रात 8:31 बजे, जबकि बाइडेन 8:33 बजे (दो मिनट लेट) पहुंचे। दूसरी डिबेट 15 अक्टूबर और तीसरी डिबेट 22 अक्टूबर को होगी।

90 मिनट की बहस में दोनों उम्मीदवारों ने एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगाए।

ट्रम्प के 10 झूठ

पहला दावा– मैंने ओबामा सरकार का क्लीन पावर प्लान इसलिए खत्म कर दिया, क्योंकि इससे एनर्जी प्राइसेस बहुत ज्यादा बढ़ गई थीं।
सच- इस प्लान का ज्यादातर हिस्सा कभी लागू ही नहीं किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने भी 2016 में इस पर अस्थायी तौर पर रोक लगा दी थी।

दूसरा दावा- हर साल मुझे फोन आते हैं कि कैलिफोर्निया के जंगलों में आग लगी है। इसकी वजह खराब फॉरेस्ट मैनेजमेंट है।
सच- देश की 13 साइंटिफिक रिसर्च एजेंसीज ने इसके लिए ग्लोबल वॉर्मिंग को जिम्मेदार ठहराया था। खराब फॉरेस्ट मैनेजमेंट भी एक वजह है।

तीसरा दावा- पोर्टलैंड के शेरिफ ने मुझे समर्थन का भरोसा दिलाया।
सच- पोर्टलैंड के शेरिफ माइक रीस ने एक ट्वीट में साफ कर दिया है कि वे कभी ट्रम्प का समर्थन नहीं करेंगे।

चौथा दावा- मैं इलेक्ट्रिक कारों के पक्ष में हूं।
सच- 2019 में ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने इलेक्ट्रिक कारों की खरीद पर दी जाने वाली 7500 डॉलर की टैक्स क्रेडिट खत्म कर दी थी।

पांचवां दावा- डेमोक्रेट्स गाय हटाना चाहते हैं।
सच- दरअसल, ये बाइडेन का प्लान नहीं है। गाय या भैंस डकार लेते वक्त मीथेन गैस छोड़ती हैं। यह पर्यावरण के लिए नुकसानदेह हैं। लेकिन, इस बारे में रिपोर्ट मैसाचुसेट्स और न्यूयॉर्क के सीनेटर्स ने दी थी।

छठा दावा– मिनेपोलिस में जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद उन्होंने नेशनल गार्ड को वहां भेजा। इसके बाद वहां हिंसा रुकी।
सच- नेशनल गार्ड्स को भेजने की अपील वहां के गवर्नर टिम वाल्ज ने की थी। इस बारे में ट्वीट किया था।

सातवां दावा– एयरपोर्ट्स पर हमें 25 से 35 हजार लोग मिलते हैं।
सच– एयरपोर्ट्स के हैंगर्स पर इतने लोगों के लिए जगह ही नहीं होती। जैसे, जब वे वर्जीनिया में रैली के लिए पहुंचे तो वहां सिर्फ 3 हजार लोग ही आए थे।

आठवां दावा– मैं 70 हजार नौकरियां लाया।
सच- महामारी के पहले भी ट्रम्प मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में 70 हजार जॉब्स नहीं ला पाए थे।

नौवां दावा– बच्चों और युवाओं को कोरोना से खतरा नहीं।
सच- कई रिसर्च में यह साफ हो चुका है कि बच्चों और युवाओं को भी संक्रमण का खतरा है।

दसवां दावा– मैंने लाखों डॉलर टैक्स जमा किया।
सच- न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि राष्ट्रपति ने 2017 में सिर्फ 750 डॉलर टैक्स दिया।

बाइडेन के 2 झूठ

पहला दावा– हमारे दौर में इकोनॉमी मजबूत थी। आप मंदी लाए।
सच- ओबामा सरकार के आखिरी दिनों में इकोनॉमी अच्छी नहीं थी। उस वक्त बाइडेन उप राष्ट्रपति थे। 2016 में इकोनॉमिक ग्रोथ 2 फीसदी कम हो चुकी थी।

दूसरा दावा- चीन से व्यापार घाटा अब ज्यादा।
सच- 2018 और 2019 में व्यापार घाटा कम हुआ था। लेकिन, चीन से व्यापार घाटा कम तो दूसरे देशों से बढ़ गया। अब कुल व्यापार घाटा बढ़ रहा है।

भारत का भी जिक्र
ट्रम्प ने महामारी के दौरान भारत में हुई मौतों का भी जिक्र किया। बाइडेन के सवाल पर ट्रम्प ने कहा- जब आप नंबर्स (कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या) की बात करते हैं तो ये भूल जाते हैं कि चीन में कितने लोगों की मौत हुई। रूस में कितने लोग मरे और भारत में कितने लोगों ने जान गंवाई। ऐसा इसलिए है क्योंकि, ये देश अपनी सही आंकड़े नहीं बताते।

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डिबेट के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और डेमोक्रेट जो बाइडेन। क्लीवलैंड की वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी के क्लीवलैंड क्लीनिक के कैंपस में हुई।

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