‘जय श्रीराम, ये खुशी का पल है, इसने मंदिर आंदोलन के प्रति मेरे समर्पण को सही साबित किया है’


बाबरी विध्वंस केस में स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने बुधवार को लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी समेत सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया। फैसले के बाद लालकृष्ण आडवाणी (92) ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए खुशी का पल है। कोर्ट के निर्णय ने मेरी और पार्टी की रामजन्मभूमि आंदोलन को लेकर प्रतिबद्धता और समर्पण को सही साबित किया है। फैसला आने के बाद आडवाणी ने जय श्रीराम का नारा भी लगाया।

इससे पहले, 4 अगस्त को राम मंदिर पर उन्होंने बयान दिया था। आडवाणी ने राम जन्मभूमि पूजन के एक दिन पहले कहा था कि जीवन के कुछ सपने पूरे होने में बहुत समय लेते हैं, लेकिन पूरे होते हैं तो लगता है कि प्रतीक्षा सार्थक हुई। आडवाणी ने क्या कहा था- पूरी खबर यहां पढ़ें

बेटी प्रतिभा के साथ टीवी पर कोर्ट की कार्रवाई देखते लालकृष्ण आडवाणी।

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने यह भी कहा कि आज जो निर्णय आया, वो अत्यंत महत्वपूर्ण है। हम सबके लिए खुशी का दिन है। समाचार सुना, इसका स्वागत करते हैं। देश के लाखों लोगों तरह मैं भी अयोध्या में सुंदर राम मंदिर देखना चाहता हूं।

‘अयोध्या में कोई साजिश नहीं हुई’
मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। साबित हो गया कि 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में कोई साजिश नहीं हुई। तब हमारा कार्यक्रम और रैलियां किसी षड्यंत्र का हिस्सा नहीं थीं। हम खुश हैं। सभी को राम मंदिर निर्माण को लेकर उत्साहित होना चाहिए।

मुरली मनोहर जोशी भी कोर्टरूम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े थे।

इस फैसले पर किसने क्या कहा?

  • एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यह न्याय का मामला है। बाबरी मस्जिद विध्वंस के लिए जिम्मेदार लोगों को दोषी ठहराया जाना चाहिए। लेकिन अतीत में उन्हें मंत्री बनाकर राजनीतिक रूप से रिवॉर्ड दिया गया। इस मुद्दे की वजह से भाजपा सत्ता में है। मेरा मानना है कि यह भारतीय न्यायपालिका का काला दिन है। अब कोर्ट ने कहा कि वहां कोई साजिश नहीं हुई।
  • शिवसेना नेता और सांसद संजय राउत ने कहा कि मैं इस फैसले का स्वागत करता हूं। साथ ही आडवाणी, मुरली मनोहर, उमा भारती और उन लोगों को बधाई देता हूं, जो इस केस बरी हो गए।
  • राजनाथ सिंह ने कहा कि देर से ही सही मगर न्याय की जीत हुई है।
  • कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘बाबरी मस्जिद विध्वंस केस में सभी दोषियों को बरी करने का स्पेशल कोर्ट का फैसला सुप्रीम कोर्ट के फैसले और संविधान से परे है। उच्चतम न्यायालय की पांच जजों की खंडपीठ के 9 नवंबर, 2019 के फैसले के मुताबिक, बाबरी मस्जिद को गिराया जाना एक गैरकानूनी अपराध था, लेकिन स्पेशल कोर्ट ने सभी दोषियों को बरी कर दिया। कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि देश ज्यूडिशियरी (स्वतंत्र न्यायपालिका) से मोदीशियरी (मोदी से प्रभावित न्यायपालिका) की तरफ बढ़ रहा है।

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लालकृष्ण आडवाणी ने फैसले के बाद कहा कि हम सब इसका स्वागत करते हैं।

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